• राहु मंदिर पैठानी

    राहु दोष, कालसर्प दोष एवं सभी ग्रह दोषों की शांति के लिए एकमात्र प्राचीन एवं सिद्ध पीठ ॥

  • आप जहाँ भी हों, पूजा से जुड़ें

    मंदिर नहीं आ सकते? अपने नाम और संकल्प के साथ ऑनलाइन पूजा करवाएं और पूजा पूर्ण होने के बाद वीडियो प्राप्त करें।

200+ वर्ष

प्राचीन इतिहास

50,000+

हर वर्ष श्रद्धालु

18+ प्रकार

पूजा एवं अनुष्ठान

365 दिन

मंदिर खुला रहता है

आपका स्वागत है

राहु मंदिर पैठानी

उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल की शांत और प्राकृतिक पहाड़ियों के बीच स्थित राहु मंदिर पैठानी, राहु देव को समर्पित प्रमुख एवं श्रद्धेय धार्मिक स्थलों में से एक है। यह पवित्र धाम उन भक्तों के लिए आस्था का केंद्र है जो राहु दोष, कालसर्प दोष, करियर में आने वाली बाधाओं, स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों तथा जीवन की अन्य चुनौतियों से मुक्ति के लिए वैदिक पूजा, अनुष्ठान और आध्यात्मिक मार्गदर्शन प्राप्त करना चाहते हैं।

यहाँ होने वाली सभी पूजा, अनुष्ठान और मंत्र जाप पारंपरिक वैदिक विधि-विधान के अनुसार श्री हरि अगस्त्येश्वर संस्कृत विद्यालय, ओडली के बटुक ब्रह्मचारियों द्वारा अनुभवी आचार्यों के मार्गदर्शन में संपन्न किए जाते हैं। देश-विदेश से श्रद्धालु ऑनलाइन पूजा बुकिंग के माध्यम से इन धार्मिक अनुष्ठानों में शामिल हो सकते हैं या स्वयं मंदिर पहुंचकर इसकी शांत एवं आध्यात्मिक वातावरण का अनुभव कर सकते हैं।

मंदिर में आने वाले भक्तों को सरल गुरुकुल आतिथ्य, सात्त्विक वातावरण और प्राचीन वैदिक परंपराओं से जुड़ने का अवसर मिलता है। यह स्थान धार्मिक आस्था के साथ-साथ साधना, शांति और आध्यात्मिक अनुभव के लिए भी विशेष माना जाता है।

हमारी प्रमुख पूजा एवं अनुष्ठान

Birthday Graha Shanti Puja

जन्मदिन ग्रह शांति पूजा

जन्मदिन के शुभ अवसर पर सुख, समृद्धि, शांति और सकारात्मक ऊर्जा की कामना के लिए ग्रह शांति पूजा की जाती है।

Rahu Graha Shanti Puja

राहु ग्रह शांति पूजा

राहु के प्रतिकूल प्रभावों को शांत करने तथा जीवन में शांति, स्थिरता और सकारात्मक ऊर्जा के लिए राहु ग्रह शांति पूजा किया जाता है।

Rahu Graha Shanti Havan

राहु काल पूजा

कठिन समय में राहु देव का आशीर्वाद और संरक्षण प्राप्त करने तथा जीवन की बाधाओं को दूर करने के लिए राहु काल पूजा की जाती है।

Rahu Beej Mantra Jaap

राहु बीज मंत्र जाप

राहु देव की कृपा प्राप्त करने, आध्यात्मिक शक्ति बढ़ाने और राहु से जुड़ी बाधाओं से राहत के लिए बीज मंत्र जाप किया जाता है।

Rahu Vedic Mantra Jaap

नाग देवता पूजा

नाग देवता की कृपा, परिवार की सुख-समृद्धि, सुरक्षा और आध्यात्मिक शांति की कामना से नाग देवता पूजा श्रद्धापूर्वक की जाती है।

Navagraha Shanti Puja

नवग्रह शांति पूजा

नवग्रह देवताओं की कृपा प्राप्त करने तथा ग्रहों के प्रभावों में संतुलन, शांति और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा के लिए नवग्रह शांति पूजा की जाती है।

क्या आप अपनी पूजा बुक करने के लिए तैयार हैं?

राहु देव की कृपा और आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए आज ही अपनी पूजा बुक करें।

गुरुकुल में ठहरने एवं दर्शन का अवसर

गुरुकुल में निःशुल्क ठहरने की सुविधा

सरल, शांत और आध्यात्मिक वातावरण में ठहरने की सुविधा उपलब्ध है।

सात्त्विक भोजन

न्यूनतम योगदान पर शुद्ध एवं सात्त्विक भोजन की व्यवस्था।

स्वयं भोजन बनाने की सुविधा

भक्तों के लिए स्वयं भोजन तैयार करने हेतु रसोई की सुविधा उपलब्ध है।

शांत एवं आध्यात्मिक वातावरण

साधना, ध्यान और आत्मिक शांति के लिए शांत वातावरण।

आगामी प्रमुख त्योहार

सावन शिवरात्रि

मंगलवार, 11 अगस्त 2026

हरियाली तीज

शनिवार, 15 अगस्त 2026

नाग पंचमी

सोमवार, 17 अगस्त 2026

रक्षाबंधन (श्रावणी पूर्णिमा)

शुक्रवार, 28 अगस्त 2026

गुरुकुल के बारे में

श्री हरि अगस्त्येश्वर संस्कृत विद्यालय, ओडली

“श्री हरि अगस्त्येश्वर संस्कृत विद्यालय, ओडली” की स्थापना वर्ष 2004 में ओडलिगांव महादेव मंदिर बहुउद्देशीय समिति (OMMBS) के संरक्षण में की गई थी। इस विद्यालय की स्थापना प्राचीन गुरुकुल परंपरा के आधार पर हमारी सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक विरासत को सुरक्षित रखने और संस्कृत भाषा के प्रचार-प्रसार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से की गई है।

भारतीय संस्कृति और सनातन परंपराओं की सेवा के इसी संकल्प के साथ श्री हरि अगस्त्येश्वर संस्कृत विद्यालय, ओडली की शुरुआत हुई। यह गुरुकुल उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले के पाबो ब्लॉक स्थित ओडली महादेव मंदिर परिसर में स्थापित है, जहाँ विद्यार्थियों को संस्कृत शिक्षा के साथ हमारी प्राचीन ज्ञान परंपरा से जोड़ने का प्रयास किया जाता है।

श्रद्धालुओं के अनुभव

भक्तों द्वारा साझा किए गए अनुभव और उनके आध्यात्मिक विचार।

नवीनतम समाचार एवं अपडेट

मंदिर से जुड़ी ताज़ा खबरें, धार्मिक आयोजन और महत्वपूर्ण जानकारियाँ।

हमारी वेबसाइट का उद्देश्य एवं क्षेत्रीय विकास में योगदान

इस वेबसाइट को विकसित करने का मुख्य उद्देश्य राहु मंदिर पैठाणी, माँ बुंखाल कालिंका सिद्धपीठ, तारा कुंड मंदिर तथा क्षेत्र के अन्य महत्वपूर्ण धार्मिक एवं प्राकृतिक स्थलों को एक विश्वसनीय डिजिटल मंच के माध्यम से श्रद्धालुओं और पर्यटकों तक पहुँचाना है।

हमारा प्रयास है कि इस डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से देश के विभिन्न क्षेत्रों से आने वाले श्रद्धालुओं को मंदिरों, धार्मिक परंपराओं, पूजा-अनुष्ठानों, यात्रा मार्ग, ठहरने की सुविधाओं और क्षेत्र से संबंधित आवश्यक जानकारी सरल एवं विश्वसनीय रूप में उपलब्ध हो सके।

धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने से स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर विकसित होने की संभावना है। इससे स्थानीय लोगों के साथ-साथ गुरुकुल के विद्यार्थियों को भी अपनी शिक्षा के साथ विभिन्न सेवा एवं रोजगार के अवसर प्राप्त करने में सहायता मिल सकती है।

हमारा उद्देश्य केवल मंदिरों की जानकारी उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि धार्मिक पर्यटन, स्थानीय विकास, गुरुकुल की शिक्षा व्यवस्था और क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान को एक साथ बढ़ावा देना है।

इस पहल के माध्यम से हम चाहते हैं कि अधिक से अधिक श्रद्धालु क्षेत्र की धार्मिक एवं प्राकृतिक विरासत से परिचित हों, यहाँ आएँ और स्थानीय समुदाय तथा गुरुकुल के विकास में अपनी सकारात्मक भूमिका निभाएँ।

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